E=MC² magical formula of Albert Einstein
E=MC² magical formula of Albert Einstein आइंस्टाइन का समीकरण E=MC ² बेसबॉल टोपी से स्टिकर तक हर चीज़ पर काम करता है। यह 2008 के एक ‘मरीया कैरी एल्बम’ का भी शीर्षक है। लेकिन अल्बर्ट आइंस्टीन के इस प्रसिद्ध समीकरण का वास्तव में क्या मतलब है? बता दें कि इस समीकरण में ‘ E ' ऊर्जा को दर्शाता है और ‘ M द्रव्यमान को। यह समीकरण किसी पदार्थ की मात्रा का माप है और यह तो आपने पढ़ा ही होगा कि ऊर्जा और मैटर इंटरचेंजेबल होते हैं। इसके अलावा, यह याद रखना जरूरी है कि ब्रह्मांड में ऊर्जा या पदार्थ की एक निश्चित राशि होती है। अब हम समीकरण के C ² भाग तक पहुंच रहे हैं। सी प्रकाश की गति को दर्शाता है। यह एक सार्वभौमिक स्थिरांक है। इसके साथ पूरा समीकरा कुछ इस तरह से बनता है कि : E=MC 2 । आखिर ऊर्जा पैदा करने के लिए आपको प्रकाश की गति से बढ़ने की आवश्यकता क्यों होती है? कारण यह है कि ऊर्जा, प्रकाश की गति पर यात्रा करती है। वह 186,000 मील प्रति सेकंड (300,000 किलोमीटर प्रति सेकंड) पर चलती है। जब हम परमाणु ऊर्जा संयंत्र या एक परमाणु बम के अंदर परमाणु को विभाजित करते हैं, तो परिणामस्वरू...